मगर उन नाज़ुक मुस्कानों ने सब दर्द छुपा रखा है…
हम भी परिंदों की तरह उसकी एक झलक के भिखारी बन गए,
ये दुनिया आँसू देखकर भी तमाशा ढूँढती है।
तेरे चेहरे की रंगत भी किसी दिन मोहब्बत उड़ा देगी…!
ज़िन्दगी में गम नहीं फिर इसमें क्या मजा,
ना मेरा यार अपना था, ना मेरा प्यार अपना था, काश ये दिल मान लेता ये सब सपना था…!!!
क्योंकि भीड़ में भी मेरे अपने नहीं थे।
हुस्न पर क्या इतराना जिसकी औकात ही बिस्तर तक है…!
जख्म का निशा नही है और दर्द का इलाज नहीं…!
हँसना–हँसाना तो बस मेरा एक पुराना हुनर है।
इश्क़ करने वालों को दुआ क्यों नहीं मिलती?
यह बात अलग है मिले तो तुम भी नहीं कभी हमें
जिसे Sad Shayari in Hindi दिल से चाहा उसी ने दर्द बढ़ा जाता है।
लोगो में अफवाह है के लड़के रोते नही है…!